National

क्या PM Modi ने वाकई सोना खरीदने से मना किया है? जानें वायरल दावे की सच्चाई और सरकार की नई Gold Policy!

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक खबर तेजी से वायरल हो रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देशवासियों को सोना (Gold) खरीदने से मना किया है। इस खबर ने निवेश करने वालों और आम जनता के बीच हलचल मचा दी है। लेकिन क्या वाकई सरकार ने ऐसा कोई आदेश जारी किया है या यह सिर्फ एक अफवाह है? TodayNews247 की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए पूरी सच्चाई।

क्या है वायरल दावे की हकीकत?

सबसे पहले यह साफ करना जरूरी है कि भारत सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा ऐसा कोई भी आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है जिसमें सोना खरीदने पर पाबंदी लगाई गई हो। भारत में सोना खरीदना और रखना पूरी तरह से कानूनी है।

अफवाह फैलने की वजह क्या है? अक्सर सरकार की ‘गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम’ (Gold Monetization Scheme) या ‘सोवरेन गोल्ड बॉन्ड’ (Sovereign Gold Bond) को लेकर दिए गए बयानों को गलत तरीके से पेश किया जाता है। पीएम मोदी ने कई बार अपने भाषणों में “डेड इन्वेस्टमेंट” (Dead Investment) यानी घर में पड़े सोने को अर्थव्यवस्था के लिए इस्तेमाल करने की बात कही है, जिसे कुछ लोग गलत समझ लेते हैं।

सरकार की नई Gold Policy: क्या बदला है?

भले ही सोना खरीदने पर रोक नहीं है, लेकिन सरकार ने कुछ नियम सख्त किए हैं जिन्हें जानना आपके लिए जरूरी है:

  1. Sovereign Gold Bond (SGB): सरकार फिजिकल गोल्ड (गहने या सिक्के) के बजाय डिजिटल गोल्ड यानी बॉन्ड खरीदने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसमें आपको सोने की बढ़ती कीमत के साथ-साथ सालाना 2.5% ब्याज भी मिलता है।
  2. Hallmarking अनिवार्य: अब बिना हॉलमार्क वाला सोना बेचना गैर-कानूनी है। यह ग्राहकों की सुरक्षा के लिए है ताकि उन्हें शुद्ध सोना मिले।
  3. Cash Transaction Limit: भारी मात्रा में कैश देकर सोना खरीदने पर इनकम टैक्स की नजर रहती है। 2 लाख रुपये से ज्यादा की ज्वेलरी खरीदने पर पैन कार्ड (PAN Card) अनिवार्य है।

क्या आपको अभी सोना खरीदना चाहिए?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ग्लोबल अनिश्चितता और युद्ध (जैसे मिडिल ईस्ट संकट) के माहौल में सोने की कीमतें बढ़ सकती हैं। ऐसे में:

  • अगर आप शादी-ब्याह के लिए ले रहे हैं, तो हॉलमार्क वाला ही सोना लें।
  • अगर आप निवेश (Investment) के लिए ले रहे हैं, तो फिजिकल गोल्ड के बजाय Gold ETF या Sovereign Gold Bond एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

निष्कर्ष

“मोदी ने सोना खरीदने से मना किया” — यह दावा पूरी तरह से भ्रामक (Misleading) है। सरकार का उद्देश्य सिर्फ सोने के आयात (Import) को कम करना और देश के पैसे को देश में ही निवेश करवाना है। किसी भी वायरल खबर पर यकीन करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *